संसद में आज एंटी पेपर लीक बिल होगा पेश; केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह रखेंगे प्रस्ताव, छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर मच सकता हंगामा

Modi Sarkar Introduced Anti-Paper Leak Bill In Sansad Today

Anti-Paper Leak Bill: पेपर लीक के खिलाफ मोदी सरकार आज एक बड़ा कदम उठाने जा रही है. संसद के मानसून सत्र के दौरान सोमवार को सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक यानि एंटी पेपर लीक बिल सदन में पेश किया जाएगा. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह इस विधेयक के संबंध में प्रस्ताव रखेंगे. बता दें कि इससे पहले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो चुका है और प्रहलाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. यानि प्रहलाद जोशी अब देश के नए शिक्षा मंत्री बनाए गए हैं. कॉकरोच जनता पार्टी के छात्र आंदोलन के बाद यह बड़ा बदलाव हुआ है.

केन्द्रीय मंत्री किरेन रिजिजू का बिल पर बयान

केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने सार्वजनिक परीक्षाओं (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक पर कहा, "आज एक महत्वपूर्ण दिन है क्योंकि एक महत्वपूर्ण पेपर को लेकर जो घटनाएं हुई हैं. छात्र आंदोलन भी हुआ है. प्रधानमंत्री मोदी ने बहुत बड़े कदम भी उठाए हैं. आज हम एक बिल लेकर जो आ रहे हैं तो हम चाहते हैं कि सभी को इसमें भाग लेना चाहिए. आज हम पेपर लीक को लेकर एक कठोर कानून बना रहे हैं तो इसमें अगर सभी शामिल नहीं होंगे तो एक अच्छा संदेश नहीं जाएगा"

छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर मच सकता हंगामा

एक तरफ जहां मोदी सरकार एंटी पेपर लीक बिल पेश करेगी तो वहीं दूसरी तरफ सदन में छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर हंगामा मच सकता है. विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है कि छात्रों पर पुलिस को लाठियां चलाने, पैलेट गन चलाने और आंसू गैस के गोले छोड़ने का आदेश किसने दिया? विपक्ष का कहना है कि पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर बर्बरता की है. जिस पर विपक्ष जवाबदेही की मांग करेगा. विपक्ष इस मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह को घेरेगा. क्योंकि एक दिन पहले ही राहुल गांधी ने अमित शाह को लेटर लिखकर पूछा था कि छात्रों पर पुलिस कार्रवाई क्यों की गई और किसके आदेश पर की गई?

PM ने हाई-पावर्ड टास्क फोर्स बनाने का किया ऐलान

बीते रविवार शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंस्टाग्राम पर एक और वीडियो शेयर किया और कहा, "भारत सरकार छात्रों के भविष्य के लिए लगातार कई कदम उठा रही है. छात्रों के भविष्य के साथ छेड़छाड़ करने वाले जेल में सड़ रहे हैं. हमने पहले ही फास्ट-ट्रैक कोर्ट बना दिए हैं. हम संसद में नए कानून बनाने की ओर भी आगे बढ़ रहे हैं जिसमें कड़े कानूनी प्रावधान शामिल होंगे, हालांकि, हमें भविष्य की ओर भी देखना होगा. हमारी परीक्षा पद्धति भरोसेमंद हो, पारदर्शी हो, और इसमें टेक्नोलॉजी का ज़्यादा से ज़्यादा इस्तेमाल हो.''

पीएम मोदी ने कहा, ''इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए, हमने दुनिया के जाने-माने टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में एक हाई-पावर्ड टास्क फोर्स बनाने का फैसला किया है. यह टास्क फोर्स एग्जामिनेशन रिफॉर्म्स पर फोकस करेगी, और इसकी रिपोर्ट के आधार पर, आने वाले एग्जाम्स की क्रेडिबिलिटी को जल्द से जल्द पक्का करने के लिए कदम उठाए जाएंगे"

हाई-पावर्ड टास्क फोर्स में कौन-कौन?

पेपर लीक रोकने और देश की परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए जो हाई पावर्ड टास्क फोर्स बनाई गई है. उसमें टेक्नोलॉजी के नज़रिए से और सिस्टम में संरचनात्मक सुधार के लिए डोमेन एक्सपर्ट्स के मल्टीडिसिप्लिनरी ग्रुप में टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट नंदन नीलेकणी, ISRO के पूर्व चेयरमैन एस सोमनाथ, IB के पूर्व डायरेक्टर तपन डेका, IIT चेन्नई के डायरेक्टर वी कामकोटी, पूर्व एजुकेशन सेक्रेटरी अनीता करवाल और लॉजिस्टिक्स एक्सपर्ट अमृत लाल मीणा शामिल हैं. जो कि देश की शिक्षा-प्रणाली को तकनीकी रूप से बेहतर, पारदर्शी और सुचितापूर्ण बनायेंगे.